विवाह का समय कैसे निकाला जाता है
Vedic astrology में विवाह के समय का अनुमान कई factors को मिलाकर लगाया जाता है — 7th house (विवाह भाव) की स्थिति, उसके स्वामी की दशा, शुक्र ग्रह (जो विवाह और रिश्तों का कारक है), और चल रही विंशोत्तरी दशा-अंतर्दशा।
“यह guidance है, guarantee नहीं — कुंडली संभावनाएं दिखाती है, आपके फैसले और प्रयास उतने ही महत्वपूर्ण हैं।”
मुख्य Factors
विवाह भाव की मजबूती और उस पर ग्रहों की दृष्टि।
प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सुख का कारक ग्रह।
इस ग्रह की दशा-अंतर्दशा विवाह के समय को influence करती है।
स्त्री की कुंडली में विवाह का प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है।